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तो जिन बातों से अब तुम लज्जित होते हो, उनसे उस समय तुम क्या फल पाते थे? क्योंकि उनका अन्त तो मृत्यु है।
Romans 6:21 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
What fruit had ye then in those things whereof ye are now ashamed? for the end of those things is death.
What fruit did you reap at that time from the things of which you are now ashamed? The outcome of those things is death.
What fruit then did you have at that time in the things of which you are now ashamed? For the end of those things is death.
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18 और पाप से छुड़ाए जाकर धार्मिकता के दास हो गए।
19 मैं तुम्हारी शारीरिक दुर्बलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूँ। जैसे तुम ने अपने अंगों को अशुद्धता और कुकर्म के दास करके सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्रता के लिये धार्मिकता के दास करके सौंप दो।
20 जब तुम पाप के दास थे, तो धार्मिकता की ओर से स्वतंत्र थे।
21 तो जिन बातों से अब तुम लज्जित होते हो, उनसे उस समय तुम क्या फल पाते थे? क्योंकि उनका अन्त तो मृत्यु है।
22 परन्तु अब पाप से स्वतंत्र होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिससे पवित्रता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है।
23 क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।
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