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जहाँ उनका कीड़ा नहीं मरता और आग नहीं बुझती।(यशा. 66:24)
Mark 9:48 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
Where their worm dieth not, and the fire is not quenched.
where ‘their worm never dies, and the fire is never quenched.’
‘where their worm doesn’t die, and the fire is not quenched.’
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45 और यदि तेरा पाँव तुझे ठोकर खिलाए तो उसे काट डाल। लँगड़ा होकर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इससे भला है, कि दो पाँव रहते हुए नरक में डाला जाए।
46 जहाँ उनका कीड़ा नहीं मरता और आग नहीं बुझती
47 और यदि तेरी आँख तुझे ठोकर खिलाए तो उसे निकाल डाल, काना होकर परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना तेरे लिये इससे भला है, कि दो आँख रहते हुए तू नरक में डाला जाए।
48 जहाँ उनका कीड़ा नहीं मरता और आग नहीं बुझती।(यशा. 66:24)
49 क्योंकि हर एक जन आग से नमकीन किया जाएगा।
50 नमक अच्छा है, पर यदि नमक का स्वाद बिगड़ जाए, तो उसे किस से नमकीन करोगे? अपने में नमक रखो, और आपस में मेल मिलाप से रहो।”
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