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जहाँ उनका कीड़ा नहीं मरता और आग नहीं बुझती
Mark 9:46 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
Where their worm dieth not, and the fire is not quenched.
‘where their worm doesn’t die, and the fire is not quenched.’
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43 यदि तेरा हाथ तुझे ठोकर खिलाए तो उसे काट डाल टुण्डा होकर जीवन में प्रवेश करना, तेरे लिये इससे भला है कि दो हाथ रहते हुए नरक के बीच उस आग में डाला जाए जो कभी बुझने की नहीं।
44 जहाँ उनका कीड़ा नहीं मरता और आग नहीं बुझती।
45 और यदि तेरा पाँव तुझे ठोकर खिलाए तो उसे काट डाल। लँगड़ा होकर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इससे भला है, कि दो पाँव रहते हुए नरक में डाला जाए।
46 जहाँ उनका कीड़ा नहीं मरता और आग नहीं बुझती
47 और यदि तेरी आँख तुझे ठोकर खिलाए तो उसे निकाल डाल, काना होकर परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना तेरे लिये इससे भला है, कि दो आँख रहते हुए तू नरक में डाला जाए।
48 जहाँ उनका कीड़ा नहीं मरता और आग नहीं बुझती।(यशा. 66:24)
49 क्योंकि हर एक जन आग से नमकीन किया जाएगा।
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