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Romans 9:14

तो हम क्या कहें? क्या परमेश्वर के यहाँ अन्याय है? कदापि नहीं!

Romans 9:14 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन

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KJV King James Version

What shall we say then? Is there unrighteousness with God? God forbid.

BSB Berean Standard Bible

What then shall we say? Is God unjust? Certainly not!

WEB World English Bible

What shall we say then? Is there unrighteousness with God? May it never be!

Every translation above is public domain and free to share. Other versions — NIV · ESV · NKJV · NLT · NASB · CSB · AMP — are copyrighted and open on their publishers’ partner site.

In context

11 और अभी तक न तो बालक जन्मे थे, और न उन्होंने कुछ भला या बुरा किया था, इसलिए कि परमेश्वर की मनसा जो उसके चुन लेने के अनुसार है, कर्मों के कारण नहीं, परन्तु बुलानेवाले पर बनी रहे।

12 उसने कहा, “जेठा छोटे का दास होगा।” (उत्प. 25:23)

13 जैसा लिखा है, “मैंने याकूब से प्रेम किया, परन्तु एसाव को अप्रिय जाना।” (मला. 1:2,3)

14 तो हम क्या कहें? क्या परमेश्वर के यहाँ अन्याय है? कदापि नहीं!

15 क्योंकि वह मूसा से कहता है, “मैं जिस किसी पर दया करना चाहूँ, उस पर दया करूँगा, और जिस किसी पर कृपा करना चाहूँ उसी पर कृपा करूँगा।” (निर्ग. 33:19)

16 इसलिए यह न तो चाहनेवाले की, न दौड़नेवाले की परन्तु दया करनेवाले परमेश्वर की बात है।

17 क्योंकि पवित्रशास्त्र में फ़िरौन से कहा गया, “मैंने तुझे इसलिए खड़ा किया है, कि तुझ में अपनी सामर्थ्य दिखाऊँ, और मेरे नाम का प्रचार सारी पृथ्वी पर हो।” (निर्ग. 9:16)

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