The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Mark 15
तीसरे पहर यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर कहा, “इलोई, इलोई, लमा शबक्तनी?” जिसका अर्थ है, “हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया?”
Mark 15:34 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
And at the ninth hour Jesus cried with a loud voice, saying, Eloi, Eloi, lama sabachthani? which is, being interpreted, My God, my God, why hast thou forsaken me?
At the ninth hour, Jesus cried out in a loud voice, “Eloi, Eloi, lema sabachthani?” which means, “My God, My God, why have You forsaken Me?”
At the ninth hour Jesus cried with a loud voice, saying, “Eloi, Eloi, lama sabachthani?” which is, being interpreted, “My God, my God, why have you forsaken me?”
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31 इसी तरह से प्रधान याजक भी, शास्त्रियों समेत, आपस में उपहास करके कहते थे; “इसने औरों को बचाया, पर अपने को नहीं बचा सकता।
32 इस्राएल का राजा, मसीह, अब क्रूस पर से उतर आए कि हम देखकर विश्वास करें।” और जो उसके साथ क्रूसों पर चढ़ाए गए थे, वे भी उसकी निन्दा करते थे।
33 और दोपहर होने पर सारे देश में अंधियारा छा गया, और तीसरे पहर तक रहा।
34 तीसरे पहर यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर कहा, “इलोई, इलोई, लमा शबक्तनी?” जिसका अर्थ है, “हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया?”
35 जो पास खड़े थे, उनमें से कितनों ने यह सुनकर कहा, “देखो, यह एलिय्याह को पुकारता है।”
36 और एक ने दौड़कर पनसोख्ता को सिरके में डुबोया, और सरकण्डे पर रखकर उसे चुसाया, और कहा, “ठहर जाओ; देखें, एलिय्याह उसे उतारने के लिये आता है कि नहीं।” (भज. 69:21)
37 तब यीशु ने बड़े शब्द से चिल्लाकर प्राण छोड़ दिये।
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