The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Luke 13
वह राई के एक दाने के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने लेकर अपनी बारी में बोया: और वह बढ़कर पेड़ हो गया; और आकाश के पक्षियों ने उसकी डालियों पर बसेरा किया।”(मत्ती 13:31,32, यहे. 31:6, दानि. 4:21)
Luke 13:19 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
It is like a grain of mustard seed, which a man took, and cast into his garden; and it grew, and waxed a great tree; and the fowls of the air lodged in the branches of it.
It is like a mustard seed that a man tossed into his garden. It grew and became a tree, and the birds of the air nested in its branches.”
It is like a grain of mustard seed which a man took and put in his own garden. It grew and became a large tree, and the birds of the sky live in its branches.”
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16 और क्या उचित न था, कि यह स्त्री जो अब्राहम की बेटी है, जिसे शैतान ने अठारह वर्ष से बाँध रखा था, सब्त के दिन इस बन्धन से छुड़ाई जाती?”
17 जब उसने ये बातें कहीं, तो उसके सब विरोधी लज्जित हो गए, और सारी भीड़ उन महिमा के कामों से जो वह करता था, आनन्दित हुई।
18 फिर उसने कहा, “परमेश्वर का राज्य किसके समान है? और मैं उसकी उपमा किस से दूँ?
19 वह राई के एक दाने के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने लेकर अपनी बारी में बोया: और वह बढ़कर पेड़ हो गया; और आकाश के पक्षियों ने उसकी डालियों पर बसेरा किया।”(मत्ती 13:31,32, यहे. 31:6, दानि. 4:21)
20 उसने फिर कहा, “मैं परमेश्वर के राज्य कि उपमा किस से दूँ?
21 वह ख़मीर के समान है, जिसको किसी स्त्री ने लेकर तीन पसेरी आटे में मिलाया, और होते-होते सब आटा ख़मीर हो गया।”
22 वह नगर-नगर, और गाँव-गाँव होकर उपदेश देता हुआ यरूशलेम की ओर जा रहा था।
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