The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Jonah 4
सो अब हे यहोवा, मेरा प्राण ले ले; क्योंकि मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही भला है।”
Jonah 4:3 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
Therefore now, O LORD, take, I beseech thee, my life from me; for it is better for me to die than to live.
And now, O LORD, please take my life from me, for it is better for me to die than to live.”
Therefore now, LORD, take, I beg you, my life from me, for it is better for me to die than to live.”
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1 यह बात योना को बहुत ही बुरी लगी, और उसका क्रोध भड़का।
2 और उसने यहोवा से यह कहकर प्रार्थना की, “हे यहोवा जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैंने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिये फुर्ती की; क्योंकि मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर है, और विलम्ब से कोप करनेवाला करुणानिधान है, और दुःख देने से प्रसन्न नहीं होता।
3 सो अब हे यहोवा, मेरा प्राण ले ले; क्योंकि मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही भला है।”
4 यहोवा ने कहा, “तेरा जो क्रोध भड़का है, क्या वह उचित है?”
5 इस पर योना उस नगर से निकलकर, उसकी पूरब ओर बैठ गया; और वहाँ एक छप्पर बनाकर उसकी छाया में बैठा हुआ यह देखने लगा कि नगर का क्या होगा?
6 तब यहोवा परमेश्वर ने एक रेंड़ का पेड़ उगाकर ऐसा बढ़ाया कि योना के सिर पर छाया हो, जिससे उसका दुःख दूर हो। योना उस रेंड़ के पेड़ के कारण बहुत ही आनन्दित हुआ।
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