The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Genesis 44
क्या यह वह वस्तु नहीं जिसमें मेरा स्वामी पीता है, और जिससे वह शकुन भी विचारा करता है? तुम ने यह जो किया है सो बुरा किया।’”
Genesis 44:5 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
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Is not this it in which my lord drinketh, and whereby indeed he divineth? ye have done evil in so doing.
Is this not the cup my master drinks from and uses for divination? What you have done is wicked!’”
Isn’t this that from which my lord drinks, and by which he indeed divines? You have done evil in so doing.’”
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2 और मेरा चाँदी का कटोरा छोटे भाई के बोरे के मुँह पर उसके अन्न के रुपये के साथ रख दे।” यूसुफ की इस आज्ञा के अनुसार उसने किया।
3 सवेरे भोर होते ही वे मनुष्य अपने गदहों समेत विदा किए गए।
4 वे नगर से निकले ही थे, और दूर न जाने पाए थे कि यूसुफ ने अपने घर के अधिकारी से कहा, “उन मनुष्यों का पीछा कर, और उनको पाकर उनसे कह, ‘तुम ने भलाई के बदले बुराई क्यों की है?
5 क्या यह वह वस्तु नहीं जिसमें मेरा स्वामी पीता है, और जिससे वह शकुन भी विचारा करता है? तुम ने यह जो किया है सो बुरा किया।’”
6 तब उसने उन्हें जा पकड़ा, और ऐसी ही बातें उनसे कहीं।
7 उन्होंने उससे कहा, “हे हमारे प्रभु, तू ऐसी बातें क्यों कहता है? ऐसा काम करना तेरे दासों से दूर रहे।
8 देख जो रुपया हमारे बोरों के मुँह पर निकला था, जब हमने उसको कनान देश से ले आकर तुझे लौटा दिया, तब भला, तेरे स्वामी के घर में से हम कोई चाँदी या सोने की वस्तु कैसे चुरा सकते हैं?
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