The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Acts 27
तब उन्होंने लंगरों को खोलकर समुद्र में छोड़ दिया और उसी समय पतवारों के बन्धन खोल दिए, और हवा के सामने अगला पाल चढ़ाकर किनारे की ओर चले।
Acts 27:40 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
And when they had taken up the anchors, they committed themselves unto the sea, and loosed the rudder bands, and hoised up the mainsail to the wind, and made toward shore.
Cutting away the anchors, they left them in the sea as they loosened the ropes that held the rudders. Then they hoisted the foresail to the wind and made for the beach.
Casting off the anchors, they left them in the sea, at the same time untying the rudder ropes. Hoisting up the foresail to the wind, they made for the beach.
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37 हम सब मिलकर जहाज पर दो सौ छिहत्तर जन थे।
38 जब वे भोजन करके तृप्त हुए, तो गेहूँ को समुद्र में फेंककर जहाज हलका करने लगे।
39 जब दिन निकला, तो उन्होंने उस देश को नहीं पहचाना, परन्तु एक खाड़ी देखी जिसका चौरस किनारा था, और विचार किया कि यदि हो सके तो इसी पर जहाज को टिकाएँ।
40 तब उन्होंने लंगरों को खोलकर समुद्र में छोड़ दिया और उसी समय पतवारों के बन्धन खोल दिए, और हवा के सामने अगला पाल चढ़ाकर किनारे की ओर चले।
41 परन्तु दो समुद्र के संगम की जगह पड़कर उन्होंने जहाज को टिकाया, और गलही तो धक्का खाकर गड़ गई, और टल न सकी; परन्तु जहाज का पीछला भाग लहरों के बल से टूटने लगा।
42 तब सिपाहियों का यह विचार हुआ कि बन्दियों को मार डालें; ऐसा न हो कि कोई तैर कर निकल भागे।
43 परन्तु सूबेदार ने पौलुस को बचाने की इच्छा से उन्हें इस विचार से रोका, और यह कहा, कि जो तैर सकते हैं, पहले कूदकर किनारे पर निकल जाएँ।
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