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हम सब मिलकर जहाज पर दो सौ छिहत्तर जन थे।
Acts 27:37 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
And we were in all in the ship two hundred threescore and sixteen souls.
In all, there were 276 of us on board.
In all, we were two hundred seventy-six souls on the ship.
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34 इसलिए तुम्हें समझाता हूँ कि कुछ खा लो, जिससे तुम्हारा बचाव हो; क्योंकि तुम में से किसी के सिर का एक बाल भी न गिरेगा।”
35 और यह कहकर उसने रोटी लेकर सब के सामने परमेश्वर का धन्यवाद किया और तोड़कर खाने लगा।
36 तब वे सब भी ढाढ़स बाँधकर भोजन करने लगे।
37 हम सब मिलकर जहाज पर दो सौ छिहत्तर जन थे।
38 जब वे भोजन करके तृप्त हुए, तो गेहूँ को समुद्र में फेंककर जहाज हलका करने लगे।
39 जब दिन निकला, तो उन्होंने उस देश को नहीं पहचाना, परन्तु एक खाड़ी देखी जिसका चौरस किनारा था, और विचार किया कि यदि हो सके तो इसी पर जहाज को टिकाएँ।
40 तब उन्होंने लंगरों को खोलकर समुद्र में छोड़ दिया और उसी समय पतवारों के बन्धन खोल दिए, और हवा के सामने अगला पाल चढ़ाकर किनारे की ओर चले।
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