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तब पत्थरीली जगहों पर पड़ने के डर से उन्होंने जहाज के पीछे चार लंगर डाले, और भोर होने की कामना करते रहे।
Acts 27:29 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
Then fearing lest we should have fallen upon rocks, they cast four anchors out of the stern, and wished for the day.
Fearing that we would run aground on the rocks, they dropped four anchors from the stern and prayed for daybreak.
Fearing that we would run aground on rocky ground, they let go four anchors from the stern, and wished for daylight.
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26 परन्तु हमें किसी टापू पर जा टिकना होगा।”
27 जब चौदहवीं रात हुई, और हम अद्रिया समुद्र में भटक रहे थे, तो आधी रात के निकट मल्लाहों ने अनुमान से जाना कि हम किसी देश के निकट पहुँच रहे हैं।
28 थाह लेकर उन्होंने बीस पुरसा गहरा पाया और थोड़ा आगे बढ़कर फिर थाह ली, तो पन्द्रह पुरसा पाया।
29 तब पत्थरीली जगहों पर पड़ने के डर से उन्होंने जहाज के पीछे चार लंगर डाले, और भोर होने की कामना करते रहे।
30 परन्तु जब मल्लाह जहाज पर से भागना चाहते थे, और गलही से लंगर डालने के बहाने डोंगी समुद्र में उतार दी;
31 तो पौलुस ने सूबेदार और सिपाहियों से कहा, “यदि ये जहाज पर न रहें, तो तुम भी नहीं बच सकते।”
32 तब सिपाहियों ने रस्से काटकर डोंगी गिरा दी।
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