The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Acts 24
“इसको हम हर जगह और हर प्रकार से धन्यवाद के साथ मानते हैं।
Acts 24:3 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
We accept it always, and in all places, most noble Felix, with all thankfulness.
In every way and everywhere, most excellent Felix, we acknowledge this with all gratitude.
we accept it in all ways and in all places, most excellent Felix, with all thankfulness.
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1 पाँच दिन के बाद हनन्याह महायाजक कई प्राचीनों और तिरतुल्लुस नामक किसी वकील को साथ लेकर आया; उन्होंने राज्यपाल के सामने पौलुस पर दोषारोपण किया।
2 जब वह बुलाया गया तो तिरतुल्लुस उस पर दोष लगाकर कहने लगा, “हे महाप्रतापी फेलिक्स, तेरे द्वारा हमें जो बड़ा कुशल होता है; और तेरे प्रबन्ध से इस जाति के लिये कितनी बुराइयाँ सुधरती जाती हैं।
3 “इसको हम हर जगह और हर प्रकार से धन्यवाद के साथ मानते हैं।
4 परन्तु इसलिए कि तुझे और दुःख नहीं देना चाहता, मैं तुझ से विनती करता हूँ, कि कृपा करके हमारी दो एक बातें सुन ले।
5 क्योंकि हमने इस मनुष्य को उपद्रवी और जगत के सारे यहूदियों में बलवा करानेवाला, और नासरियों के कुपंथ का मुखिया पाया है।
6 उसने मन्दिर को अशुद्ध करना चाहा, और तब हमने उसे बन्दी बना लिया। [हमने उसे अपनी व्यवस्था के अनुसार दण्ड दिया होता;
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