The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Romans 3
जैसा लिखा है: “कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं। (सभो. 7:20)
Romans 3:10 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
As it is written, There is none righteous, no, not one:
As it is written: “There is no one righteous, not even one.
As it is written, “There is no one righteous; no, not one.
Every translation above is public domain and free to share. Other versions — NIV · ESV · NKJV · NLT · NASB · CSB · AMP — are copyrighted and open on their publishers’ partner site.
7 यदि मेरे झूठ के कारण परमेश्वर की सच्चाई उसकी महिमा के लिये अधिक करके प्रगट हुई, तो फिर क्यों पापी के समान मैं दण्ड के योग्य ठहराया जाता हूँ?
8 “हम क्यों बुराई न करें कि भलाई निकले?” जैसा हम पर यही दोष लगाया भी जाता है, और कुछ कहते हैं कि इनका यही कहना है। परन्तु ऐसों का दोषी ठहराना ठीक है।
9 तो फिर क्या हुआ? क्या हम उनसे अच्छे हैं? कभी नहीं; क्योंकि हम यहूदियों और यूनानियों दोनों पर यह दोष लगा चुके हैं कि वे सब के सब पाप के वश में हैं।
10 जैसा लिखा है: “कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं। (सभो. 7:20)
11 कोई समझदार नहीं; कोई परमेश्वर को खोजनेवाला नहीं।
12 सब भटक गए हैं, सब के सब निकम्मे बन गए; कोई भलाई करनेवाला नहीं, एक भी नहीं। (भज. 14:3, भज. 53:1)
13 उनका गला खुली हुई कब्र है: उन्होंने अपनी जीभों से छल किया है: उनके होठों में साँपों का विष है। (भज. 5:9, भज. 140:3)
Read Romans 3 in the app The whole chapter