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हे साँपों, हे करैतों के बच्चों, तुम नरक के दण्ड से कैसे बचोगे?
Matthew 23:33 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
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Ye serpents, ye generation of vipers, how can ye escape the damnation of hell?
You snakes! You brood of vipers! How will you escape the sentence of hell?
You serpents, you offspring of vipers, how will you escape the judgment of Gehenna?
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30 और कहते हो, ‘यदि हम अपने पूर्वजों के दिनों में होते तो भविष्यद्वक्ताओं की हत्या में उनके सहभागी न होते।’
31 इससे तो तुम अपने पर आप ही गवाही देते हो, कि तुम भविष्यद्वक्ताओं के हत्यारों की सन्तान हो।
32 अतः तुम अपने पूर्वजों के पाप का घड़ा भर दो।
33 हे साँपों, हे करैतों के बच्चों, तुम नरक के दण्ड से कैसे बचोगे?
34 इसलिए देखो, मैं तुम्हारे पास भविष्यद्वक्ताओं और बुद्धिमानों और शास्त्रियों को भेजता हूँ; और तुम उनमें से कुछ को मार डालोगे, और क्रूस पर चढ़ाओगे; और कुछ को अपने आराधनालयों में कोड़े मारोगे, और एक नगर से दूसरे नगर में खदेड़ते फिरोगे।
35 जिससे धर्मी हाबिल से लेकर बिरिक्याह के पुत्र जकर्याह तक, जिसे तुम ने मन्दिर और वेदी के बीच में मार डाला था, जितने धर्मियों का लहू पृथ्वी पर बहाया गया है, वह सब तुम्हारे सिर पर पड़ेगा।
36 मैं तुम से सच कहता हूँ, ये सब बातें इस पीढ़ी के लोगों पर आ पड़ेंगी।
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