The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Mark 5
तब वह स्त्री यह जानकर, कि उसके साथ क्या हुआ है, डरती और काँपती हुई आई, और उसके पाँवों पर गिरकर, उससे सब हाल सच-सच कह दिया।
Mark 5:33 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
But the woman fearing and trembling, knowing what was done in her, came and fell down before him, and told him all the truth.
Then the woman, knowing what had happened to her, came and fell down before Him trembling in fear, and she told Him the whole truth.
But the woman, fearing and trembling, knowing what had been done to her, came and fell down before him, and told him all the truth.
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30 यीशु ने तुरन्त अपने में जान लिया, कि मुझसे सामर्थ्य निकली है, और भीड़ में पीछे फिरकर पूछा, “मेरा वस्त्र किसने छुआ?”
31 उसके चेलों ने उससे कहा, “तू देखता है, कि भीड़ तुझ पर गिरी पड़ती है, और तू कहता है; किकिसने मुझे छुआ?”
32 तब उसने उसे देखने के लिये जिसने यह काम किया था, चारों ओर दृष्टि की।
33 तब वह स्त्री यह जानकर, कि उसके साथ क्या हुआ है, डरती और काँपती हुई आई, और उसके पाँवों पर गिरकर, उससे सब हाल सच-सच कह दिया।
34 उसने उससे कहा, “पुत्री, तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है: कुशल से जा, और अपनी इस बीमारी से बची रह।”(लूका 8:48)
35 वह यह कह ही रहा था, कि आराधनालय के सरदार के घर से लोगों ने आकर कहा, “तेरी बेटी तो मर गई; अब गुरु को क्यों दुःख देता है?”
36 जो बात वे कह रहे थे, उसको यीशु ने अनसुनी करके, आराधनालय के सरदार से कहा, “मत डर; केवल विश्वास रख।”
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