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Mark 12:11

यह प्रभु की ओर से हुआ, और हमारी दृष्टि में अद्भुत है’!”(भज. 118:23)

Mark 12:11 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन

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Mark 12:11 in other translations

KJV King James Version

This was the Lord's doing, and it is marvellous in our eyes?

BSB Berean Standard Bible

This is from the Lord, and it is marvelous in our eyes’?”

WEB World English Bible

This was from the Lord. It is marvelous in our eyes’?”

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In context

8 और उन्होंने उसे पकड़कर मार डाला, और दाख की बारी के बाहर फेंक दिया।

9 “इसलिए दाख की बारी का स्वामी क्या करेगा? वह आकर उन किसानों का नाश करेगा, और दाख की बारी औरों को दे देगा।

10 क्या तुम ने पवित्रशास्त्र में यह वचन नहीं पढ़ा: ‘जिस पत्थर को राजमिस्त्रियों ने निकम्मा ठहराया था, वहीकोने का सिराहो गया;

11 यह प्रभु की ओर से हुआ, और हमारी दृष्टि में अद्भुत है’!”(भज. 118:23)

12 तब उन्होंने उसे पकड़ना चाहा; क्योंकि समझ गए थे, कि उसने हमारे विरोध में यह दृष्टान्त कहा है: पर वे लोगों से डरे; और उसे छोड़कर चले गए।

13 तब उन्होंने उसे बातों में फँसाने के लिये कुछ फरीसियों और हेरोदियों को उसके पास भेजा।

14 और उन्होंने आकर उससे कहा, “हे गुरु, हम जानते हैं, कि तू सच्चा है, और किसी की परवाह नहीं करता; क्योंकि तू मनुष्यों का मुँह देखकर बातें नहीं करता, परन्तु परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से बताता है। तो क्या कैसर को कर देना उचित है, कि नहीं?

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