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तब अशुद्ध आत्मा उसको मरोड़कर, और बड़े शब्द से चिल्लाकर उसमें से निकल गई।
Mark 1:26 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
And when the unclean spirit had torn him, and cried with a loud voice, he came out of him.
At this, the unclean spirit threw the man into convulsions and came out with a loud shriek.
The unclean spirit, convulsing him and crying with a loud voice, came out of him.
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23 और उसी समय, उनके आराधनालय में एक मनुष्य था, जिसमें एक अशुद्ध आत्मा थी।
24 उसने चिल्लाकर कहा, “हे यीशु नासरी, हमें तुझ से क्या काम? क्या तू हमें नाश करने आया है? मैं तुझे जानता हूँ, तू कौन है? परमेश्वर का पवित्र जन!”
25 यीशु ने उसे डाँटकर कहा, “चुप रह; और उसमें से बाहर निकल जा।”
26 तब अशुद्ध आत्मा उसको मरोड़कर, और बड़े शब्द से चिल्लाकर उसमें से निकल गई।
27 इस पर सब लोग आश्चर्य करते हुए आपस में वाद-विवाद करने लगे “यह क्या बात है? यह तो कोई नया उपदेश है! वह अधिकार के साथ अशुद्ध आत्माओं को भी आज्ञा देता है, और वे उसकी आज्ञा मानती हैं।”
28 और उसका नाम तुरन्त गलील के आस-पास के सारे प्रदेश में फैल गया।
29 और वह तुरन्त आराधनालय में से निकलकर, याकूब और यूहन्ना के साथ शमौन और अन्द्रियास के घर आया।
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