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Luke 2:33

और उसका पिता और उसकी माता इन बातों से जो उसके विषय में कही जाती थीं, आश्चर्य करते थे।

Luke 2:33 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन

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Luke 2:33 in other translations

KJV King James Version

And Joseph and his mother marvelled at those things which were spoken of him.

BSB Berean Standard Bible

The Child’s father and mother were amazed at what was spoken about Him.

WEB World English Bible

Joseph and his mother were marveling at the things which were spoken concerning him.

Every translation above is public domain and free to share. Other versions — NIV · ESV · NKJV · NLT · NASB · CSB · AMP — are copyrighted and open on their publishers’ partner site.

In context

30 क्योंकि मेरी आँखों ने तेरे उद्धार को देख लिया है।

31 जिसे तूने सब देशों के लोगों के सामने तैयार किया है। (यशा. 40:5)

32 कि वह अन्यजातियों को सत्य प्रकट करने के लिए एक ज्योति होगा, और तेरे निज लोग इस्राएल की महिमा हो।” (यशा. 42:6, यशा. 49:6)

33 और उसका पिता और उसकी माता इन बातों से जो उसके विषय में कही जाती थीं, आश्चर्य करते थे।

34 तब शमौन ने उनको आशीष देकर, उसकी माता मरियम से कहा, “देख, वह तो इस्राएल में बहुतों के गिरने, और उठने के लिये, और एक ऐसा चिन्ह होने के लिये ठहराया गया है, जिसके विरोध में बातें की जाएँगी (यशा. 8:14-15)

35 (वरन् तेरा प्राण भी तलवार से आर-पार छिद जाएगा) इससे बहुत हृदयों के विचार प्रगट होंगे।”

36 और आशेर के गोत्र में से हन्नाह नामक फनूएल की बेटी एक भविष्यद्वक्तिन थी: वह बहुत बूढ़ी थी, और विवाह होने के बाद सात वर्ष अपने पति के साथ रह पाई थी।

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