The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Luke 18
और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, ‘मेरा न्याय चुकाकर मुझे मुद्दई से बचा।’
Luke 18:3 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
And there was a widow in that city; and she came unto him, saying, Avenge me of mine adversary.
And there was a widow in that town who kept appealing to him, ‘Give me justice against my adversary.’
A widow was in that city, and she often came to him, saying, ‘Defend me from my adversary!’
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1 फिर उसने इसके विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और साहस नहीं छोड़ना चाहिए उनसे यह दृष्टान्त कहा:
2 “किसी नगर में एक न्यायी रहता था; जो न परमेश्वर से डरता था और न किसी मनुष्य की परवाह करता था।
3 और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, ‘मेरा न्याय चुकाकर मुझे मुद्दई से बचा।’
4 उसने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचार कर कहा, ‘यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूँ;
5 फिर भी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिए मैं उसका न्याय चुकाऊँगा, कहीं ऐसा न हो कि घड़ी-घड़ी आकर अन्त को मेरी नाक में दम करे।’”
6 प्रभु ने कहा, “सुनो, कि यह अधर्मी न्यायी क्या कहता है?
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