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लूत की पत्नी को स्मरण रखो!(उत्प. 19:26, उत्प. 19:17)
Luke 17:32 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
Remember Lot's wife.
Remember Lot’s wife!
Remember Lot’s wife!
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29 परन्तु जिस दिन लूत सदोम से निकला, उस दिन आग और गन्धक आकाश से बरसी और सब को नाश कर दिया।(2 पत. 2:6, यहू. 1:7, उत्प. 19:24)
30 मनुष्य के पुत्र के प्रगट होने के दिन भी ऐसा ही होगा।
31 “उस दिन जो छत पर हो; और उसका सामान घर में हो, वह उसे लेने को न उतरे, और वैसे ही जो खेत में हो वह पीछे न लौटे।
32 लूत की पत्नी को स्मरण रखो!(उत्प. 19:26, उत्प. 19:17)
33 जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे वह उसे खोएगा, और जो कोई उसे खोए वह उसे बचाएगा।
34 मैं तुम से कहता हूँ, उस रात दो मनुष्य एक खाट पर होंगे, एक ले लिया जाएगा, और दूसरा छोड़ दिया जाएगा।
35 दो स्त्रियाँ एक साथ चक्की पीसती होंगी, एक ले ली जाएगी, और दूसरी छोड़ दी जाएगी।
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