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सब्त के दिन वह एक आराधनालय में उपदेश दे रहा था।
Luke 13:10 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
And he was teaching in one of the synagogues on the sabbath.
One Sabbath Jesus was teaching in one of the synagogues,
He was teaching in one of the synagogues on the Sabbath day.
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7 तब उसने बारी के रखवाले से कहा, ‘देख तीन वर्ष से मैं इस अंजीर के पेड़ में फल ढूँढ़ने आता हूँ, परन्तु नहीं पाता, इसे काट डाल कि यह भूमि को भी क्यों रोके रहे?’
8 उसने उसको उत्तर दिया, कि हे स्वामी, इसे इस वर्ष तो और रहने दे; कि मैं इसके चारों ओर खोदकर खाद डालूँ।
9 अतः आगे को फले तो भला, नहीं तो उसे काट डालना।”
10 सब्त के दिन वह एक आराधनालय में उपदेश दे रहा था।
11 वहाँ एक स्त्री थी, जिसे अठारह वर्ष से एक दुर्बल करनेवाली दुष्टात्मा लगी थी, और वह कुबड़ी हो गई थी, और किसी रीति से सीधी नहीं हो सकती थी।
12 यीशु ने उसे देखकर बुलाया, और कहा, “हे नारी, तू अपनी दुर्बलता से छूट गई।”
13 तब उसने उस पर हाथ रखे, और वह तुरन्त सीधी हो गई, और परमेश्वर की बड़ाई करने लगी।
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