The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › John 17
मैं यह विनती नहीं करता, कि तू उन्हें जगत से उठा ले, परन्तु यह कि तू उन्हें उस दुष्ट से बचाए रख।
John 17:15 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
I pray not that thou shouldest take them out of the world, but that thou shouldest keep them from the evil.
I am not asking that You take them out of the world, but that You keep them from the evil one.
I pray not that you would take them from the world, but that you would keep them from the evil one.
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12 जब मैं उनके साथ था, तो मैंने तेरे उस नाम से, जो तूने मुझे दिया है, उनकी रक्षा की, मैंने उनकी देख-रेख की और विनाश के पुत्र को छोड़ उनमें से कोई नाश न हुआ, इसलिए कि पवित्रशास्त्र की बात पूरी हो।(यूह. 18:9)
13 परन्तु अब मैं तेरे पास आता हूँ, और ये बातें जगत में कहता हूँ, कि वे मेरा आनन्द अपने में पूरा पाएँ।
14 मैंने तेरा वचन उन्हें पहुँचा दिया है, और संसार ने उनसे बैर किया, क्योंकि जैसा मैं संसार का नहीं, वैसे ही वे भी संसार के नहीं।
15 मैं यह विनती नहीं करता, कि तू उन्हें जगत से उठा ले, परन्तु यह कि तू उन्हें उस दुष्ट से बचाए रख।
16 जैसे मैं संसार का नहीं, वैसे ही वे भी संसार के नहीं।
17 सत्य के द्वाराउन्हें पवित्र कर: तेरा वचन सत्य है।
18 जैसे तूने जगत में मुझे भेजा, वैसे ही मैंने भी उन्हें जगत में भेजा।
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