The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Isaiah 28
कान लगाकर मेरी सुनो, ध्यान धरकर मेरा वचन सुनो।
Isaiah 28:23 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
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Give ye ear, and hear my voice; hearken, and hear my speech.
Listen and hear my voice. Pay attention and hear what I say.
Give ear, and hear my voice! Listen, and hear my speech!
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20 क्योंकि बिछौना टाँग फैलाने के लिये छोटा, और ओढ़ना ओढ़ने के लिये संकरा है।
21 क्योंकि यहोवा ऐसा उठ खड़ा होगा जैसा वह पराजीम नामक पर्वत पर खड़ा हुआ और जैसा गिबोन की तराई में उसने क्रोध दिखाया था; वह अब फिर क्रोध दिखाएगा, जिससे वह अपना काम करे, जो अचम्भित काम है, और वह कार्य करे जो अनोखा है।
22 इसलिए अब तुम ठट्ठा मत करो, नहीं तो तुम्हारे बन्धन कसे जाएँगे; क्योंकि मैंने सेनाओं के प्रभु यहोवा से यह सुना है कि सारे देश का सत्यानाश ठाना गया है।
23 कान लगाकर मेरी सुनो, ध्यान धरकर मेरा वचन सुनो।
24 क्या हल जोतनेवाला बीज बोने के लिये लगातार जोतता रहता है? क्या वह सदा धरती को चीरता और हेंगा फेरता रहता है?
25 क्या वह उसको चौरस करके सौंफ को नहीं छितराता, जीरे को नहीं बखेरता और गेहूँ को पाँति-पाँति करके और जौ को उसके निज स्थान पर, और कठिया गेहूँ को खेत की छोर पर नहीं बोता?
26 क्योंकि उसका परमेश्वर उसको ठीक-ठीक काम करना सिखाता और बताता है।
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