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और वर्षा चालीस दिन और चालीस रात निरन्तर पृथ्वी पर होती रही।
Genesis 7:12 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
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And the rain was upon the earth forty days and forty nights.
And the rain fell upon the earth for forty days and forty nights.
It rained on the earth forty days and forty nights.
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9 और भूमि पर रेंगनेवालों में से भी, दो-दो, अर्थात् नर और मादा, जहाज में नूह के पास गए, जिस प्रकार परमेश्वर ने नूह को आज्ञा दी थी।
10 सात दिन के उपरान्त प्रलय का जल पृथ्वी पर आने लगा।
11 जब नूह की आयु के छः सौवें वर्ष के दूसरे महीने का सत्रहवाँ दिन आया; उसी दिन बड़े गहरे समुद्र के सब सोते फूट निकले और आकाश के झरोखे खुल गए।
12 और वर्षा चालीस दिन और चालीस रात निरन्तर पृथ्वी पर होती रही।
13 ठीक उसी दिन नूह अपने पुत्र शेम, हाम, और येपेत, और अपनी पत्नी, और तीनों बहुओं समेत,
14 और उनके संग एक-एक जाति के सब जंगली पशु, और एक-एक जाति के सब घरेलू पशु, और एक-एक जाति के सब पृथ्वी पर रेंगनेवाले, और एक-एक जाति के सब उड़नेवाले पक्षी, जहाज में गए।
15 जितने प्राणियों में जीवन का श्वास था उनकी सब जातियों में से दो-दो नूह के पास जहाज में गए।
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