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Acts 9:22

परन्तु शाऊल और भी सामर्थी होता गया, और इस बात का प्रमाण दे-देकर कि यीशु ही मसीह है, दमिश्क के रहनेवाले यहूदियों का मुँह बन्द करता रहा।

Acts 9:22 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन

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Acts 9:22 in other translations

KJV King James Version

But Saul increased the more in strength, and confounded the Jews which dwelt at Damascus, proving that this is very Christ.

BSB Berean Standard Bible

But Saul was empowered all the more, and he confounded the Jews living in Damascus by proving that Jesus is the Christ.

WEB World English Bible

But Saul increased more in strength, and confounded the Jews who lived at Damascus, proving that this is the Christ.

Every translation above is public domain and free to share. Other versions — NIV · ESV · NKJV · NLT · NASB · CSB · AMP — are copyrighted and open on their publishers’ partner site.

In context

19 फिर भोजन करके बल पाया। वह कई दिन उन चेलों के साथ रहा जो दमिश्क में थे।

20 और वह तुरन्त आराधनालयों में यीशु का प्रचार करने लगा, कि वह परमेश्वर का पुत्र है।

21 और सब सुननेवाले चकित होकर कहने लगे, “क्या यह वही व्यक्ति नहीं है जो यरूशलेम में उन्हें जो इस नाम को लेते थे नाश करता था, और यहाँ भी इसलिए आया था, कि उन्हें बाँधकर प्रधान याजकों के पास ले जाए?”

22 परन्तु शाऊल और भी सामर्थी होता गया, और इस बात का प्रमाण दे-देकर कि यीशु ही मसीह है, दमिश्क के रहनेवाले यहूदियों का मुँह बन्द करता रहा।

23 जब बहुत दिन बीत गए, तो यहूदियों ने मिलकर उसको मार डालने की युक्ति निकाली।

24 परन्तु उनकी युक्ति शाऊल को मालूम हो गई: वे तो उसको मार डालने के लिये रात दिन फाटकों पर घात में लगे रहते थे।

25 परन्तु रात को उसके चेलों ने उसे लेकर टोकरे में बैठाया, और शहरपनाह पर से लटकाकर उतार दिया।

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