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तुम आप ही जानते हो कि इन्हीं हाथों ने मेरी और मेरे साथियों की आवश्यकताएँ पूरी की।
Acts 20:34 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
Yea, ye yourselves know, that these hands have ministered unto my necessities, and to them that were with me.
You yourselves know that these hands of mine have ministered to my own needs and those of my companions.
You yourselves know that these hands served my necessities, and those who were with me.
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31 इसलिए जागते रहो, और स्मरण करो कि मैंने तीन वर्ष तक रात दिन आँसू बहा-बहाकर, हर एक को चितौनी देना न छोड़ा।
32 और अब मैं तुम्हें परमेश्वर को, और उसके अनुग्रह के वचन को सौंप देता हूँ; जो तुम्हारी उन्नति कर सकता है, और सब पवित्र किए गये लोगों में सहभागी होकर विरासत दे सकता है।
33 मैंने किसी के चाँदी, सोने या कपड़े का लालच नहीं किया। (1 शमू. 12:3)
34 तुम आप ही जानते हो कि इन्हीं हाथों ने मेरी और मेरे साथियों की आवश्यकताएँ पूरी की।
35 मैंने तुम्हें सब कुछ करके दिखाया, कि इस रीति से परिश्रम करते हुए निर्बलों को सम्भालना, और प्रभु यीशु के वचन स्मरण रखना अवश्य है, कि उसने आप ही कहा है: ‘लेने से देना धन्य है।’”
36 यह कहकर उसने घुटने टेके और उन सब के साथ प्रार्थना की।
37 तब वे सब बहुत रोए और पौलुस के गले लिपटकर उसे चूमने लगे।
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