The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Acts 2
और उन्हें आग के समान जीभें फटती हुई दिखाई दी और उनमें से हर एक पर आ ठहरी।
Acts 2:3 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
And there appeared unto them cloven tongues like as of fire, and it sat upon each of them.
They saw tongues like flames of fire that separated and came to rest on each of them.
Tongues like fire appeared and were distributed to them, and one sat on each of them.
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1 जब पिन्तेकुस्त का दिन आया, तो वे सब एक जगह इकट्ठे थे। (लैव्य. 23:15-21, व्यव. 16:9-11)
2 और अचानक आकाश से बड़ी आँधी के समान सनसनाहट का शब्द हुआ, और उससे सारा घर जहाँ वे बैठे थे, गूँज गया।
3 और उन्हें आग के समान जीभें फटती हुई दिखाई दी और उनमें से हर एक पर आ ठहरी।
4 और वे सब पवित्र आत्मा से भर गए, और जिस प्रकार आत्मा ने उन्हें बोलने की सामर्थ्य दी, वे अन्य-अन्य भाषा बोलने लगे।
5 और आकाश के नीचे की हर एक जाति में से भक्त-यहूदी यरूशलेम में रहते थे।
6 जब वह शब्द सुनाई दिया, तो भीड़ लग गई और लोग घबरा गए, क्योंकि हर एक को यही सुनाई देता था, कि ये मेरी ही भाषा में बोल रहे हैं।
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