The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Acts 15
और यहूदा और सीलास ने जो आप भी भविष्यद्वक्ता थे, बहुत बातों से भाइयों को उपदेश देकर स्थिर किया।
Acts 15:32 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
And Judas and Silas, being prophets also themselves, exhorted the brethren with many words, and confirmed them.
Judas and Silas, who themselves were prophets, said much to encourage and strengthen the brothers.
Judas and Silas, also being prophets themselves, encouraged the brothers with many words and strengthened them.
Every translation above is public domain and free to share. Other versions — NIV · ESV · NKJV · NLT · NASB · CSB · AMP — are copyrighted and open on their publishers’ partner site.
29 कि तुम मूरतों के बलि किए हुओं से, और लहू से, और गला घोंटे हुओं के माँस से, और व्यभिचार से दूर रहो। इनसे दूर रहो तो तुम्हारा भला होगा। आगे शुभकामना।” (उत्प. 9:4, लैव्य. 3:17)
30 फिर वे विदा होकर अन्ताकिया में पहुँचे, और सभा को इकट्ठी करके उन्हें पत्री दे दी।
31 और वे पढ़कर उस उपदेश की बात से अति आनन्दित हुए।
32 और यहूदा और सीलास ने जो आप भी भविष्यद्वक्ता थे, बहुत बातों से भाइयों को उपदेश देकर स्थिर किया।
33 वे कुछ दिन रहकर भाइयों से शान्ति के साथ विदा हुए कि अपने भेजनेवालों के पास जाएँ।
34 (परन्तु सीलास को वहाँ रहना अच्छा लगा।)
35 और पौलुस और बरनबास अन्ताकिया में रह गए: और अन्य बहुत से लोगों के साथ प्रभु के वचन का उपदेश करते और सुसमाचार सुनाते रहे।
Read Acts 15 in the app The whole chapter