The Bible › इंडियन रिवाइज्ड वर्जन › Acts 12
हेरोदेस सोर और सीदोन के लोगों से बहुत अप्रसन्न था। तब वे एक चित्त होकर उसके पास आए और बलास्तुस को जो राजा का एक कर्मचारी था, मनाकर मेल करना चाहा; क्योंकि राजा के देश से उनके देश का पालन-पोषण होता था। (1 राजा. 5:11, यहे. 27:17)
Acts 12:20 · इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
And Herod was highly displeased with them of Tyre and Sidon: but they came with one accord to him, and, having made Blastus the king's chamberlain their friend, desired peace; because their country was nourished by the king's country.
Now Herod was in a furious dispute with the people of Tyre and Sidon, and they convened before him. Having secured the support of Blastus, the king’s chamberlain, they asked for peace, because their region depended on the king’s country for food.
Now Herod was very angry with the people of Tyre and Sidon. They came with one accord to him and, having made Blastus, the king’s personal aide, their friend, they asked for peace, because their country depended on the king’s country for food.
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17 तब उसने उन्हें हाथ से संकेत किया कि चुप रहें; और उनको बताया कि प्रभु किस रीति से मुझे बन्दीगृह से निकाल लाया है। फिर कहा, “याकूब और भाइयों को यह बात कह देना।” तब निकलकर दूसरी जगह चला गया।
18 भोर को सिपाहियों में बड़ी हलचल होने लगी कि पतरस कहाँ गया।
19 जब हेरोदेस ने उसकी खोज की और न पाया, तो पहरुओं की जाँच करके आज्ञा दी कि वे मार डाले जाएँ: और वह यहूदिया को छोड़कर कैसरिया में जाकर रहने लगा।
20 हेरोदेस सोर और सीदोन के लोगों से बहुत अप्रसन्न था। तब वे एक चित्त होकर उसके पास आए और बलास्तुस को जो राजा का एक कर्मचारी था, मनाकर मेल करना चाहा; क्योंकि राजा के देश से उनके देश का पालन-पोषण होता था। (1 राजा. 5:11, यहे. 27:17)
21 ठहराए हुए दिन हेरोदेस राजवस्त्र पहनकर सिंहासन पर बैठा; और उनको व्याख्यान देने लगा।
22 और लोग पुकार उठे, “यह तो मनुष्य का नहीं ईश्वर का शब्द है।”
23 उसी क्षण प्रभु के एक स्वर्गदूत ने तुरन्त उसे आघात पहुँचाया, क्योंकि उसने परमेश्वर की महिमा नहीं की और उसके शरीर में कीड़े पड़ गए और वह मर गया। (दानि. 5:20)
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